पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रह्मण्यम का कहना है'इस तरह का रिजर्वेशन समानता की मूल भावना के ही खिलाफ है। तो जातिप्रथा कौन सी समानता की मूल भावना के पक्ष मे है, टीएसआर सुब्रह्मण्यम जैसे दुष्ट प्रव्रिति के लोग नही चाहते समाज के वंचित लोग उन्नति करें
Wednesday, August 22, 2012
Subscribe to:
Posts (Atom)